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Wednesday, February 2, 2011

hindi news-पोर्टब्लेयर में यादगार कवि सम्मेलन-swatantraawaz

पोर्टब्लेयर में यादगार कवि सम्मेलन

पोर्टब्लेयर। हिंदी साहित्य कला परिषद की ओर से पोर्टब्लेयर में एक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें नए और पुराने कवियों ने ज्वलंत विषयों को कविता का ऐसा रूप दिया जिसमें मौजूदा व्यवस्था का एक-एक अक्स उभर रहा था। कवियों ने हिंदी और उर्दू के समृद्धशाली शब्दों का गज़ब का प्रयोग और संतुलन स्थापित कर गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हुए इस सम्मेलन को यादगार बनाया। दक्षिण अंडमान के उप मंडलीय मजिस्ट्रेट राजीव सिंह परिहार इसमें मुख्य अतिथि थे और साहित्यकार एवं अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। दूरदर्शन केंद्र पोर्टब्लेयर के सहायक निदेशक जी साजन कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ द्वीप प्रज्वलन से हुआ। कवि सम्मेलन में द्वीप समूह के तमाम कवियों ने अपनी कविताओं से समा बांध दिया। सम्मेलन में नवोदित कवियों को भी कविताएं सुनाने का अवसर दिया गया। देश-भक्ति की लहर और भ्रष्टाचार, महंगाई और अन्य बुराइयों पर एक से बढ़कर एक कविताएं सुनने को मिलीं। कविवर श्रीनिवास शर्मा की देश-भक्ति भरी कविता और द्वीपों के छंदबद्ध इतिहास से कवि सम्मलेन का आग़ाज़ हुआ। जगदीश नारायण राय ने संसद की हालत को कविता बनाकर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। जयबहादुर शर्मा ने महंगाई पर हमला किया तो उभरते हुए कवि ब्रजेश तिवारी ने गणतंत्र की महिमा गाई। डॉ एम अयया राजू ने मौजूदा राजनीति पर कविता के माध्यम से गहरी चोट की। डॉ रामकृपाल तिवारी ने यह सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया कि नेताओं के चलते 'तंत्र' ही बचा और 'गण' गायब हो गया है। डीएम सावित्री ने कविताओं के सौन्दर्य बोध को उकेरा और डॉ व्यासमणि त्रिपाठी ने ग़ज़लों से आनंदित कर दिया। कवि सम्मेलन में बाकी अन्य कवियों संत प्रसाद राय, अनिरूद्ध त्रिपाठी, बीके मिश्र, राजीव कुमार तिवारी, सदानंद राय, एसके सिंह, रामसिद्ध शर्मा, रामसेवक प्रसाद, परशुराम सिंह, डॉ मंजू नायर और रागिनी राय ने अपने काव्य पाठ से काव्य संध्या को यादगार बना दिया। कवि सम्मेलन के मुख्य अतिथि राजीव सिंह परिहार ने भी हिंदी कविता की आस्वादन प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए स्वरचित कविताओं का पाठ किया।


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Tuesday, February 1, 2011

hindi news-कर्पूरी और मैं साजिशों का शिकार हुआ-मुलायम-swatantraawaz

कर्पूरी और मैं साजिशों का शिकार हुआ-मुलायम

कर्पूरी और मैं साजिशों का शिकार हुआ-मुलायमलखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर उन ताकतों के शिकार हुए थे, जो गरीबों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के नेतृत्व के रास्ते में कांटे बिछाती हैं और उन्ही साजिशों का शिकार मैं भी हुआ। मुलायम सिंह यादव ने ऐसी ताकतों और उनकी साजिशों को विफल करने का आह्वान किया है। उनका यकीन है कि समाजवादी आंदोलन को मजबूती देकर ही इन समाज विरोधी ताकतों को शिकस्त दी जा सकती है। मुलायम सिंह यादव सपा मुख्यालय पर कर्पूरी ठाकुर जयंती समारोह और नाई, सविता, सेन, नंद समाज के प्रतिनिधि सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर, डॉ राम मनोहर लोहिया की विचारधारा से प्रभावित थे और समाजवादी पार्टी भी उन्ही के बताये रास्ते पर चलकर समतामूलक समाज की स्थापना के लिए संघर्षरत है। कर्पूरी ठाकुर का जीवन हमारे सबके लिए आदर्श है जिससे हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। कर्पूरी को याद करते हुए मुलायम ने कहा कि उन्होंने घोर गरीबी में रहकर शिक्षा ग्रहण की और जीवनभर गरीबों की रहनुमाई की, वे राष्ट्रीय नेतृत्व के शिखर तक पहुंचे। मुलायम ने कर्पूरी ठाकुर से जुड़े अपने कई निजी संस्करण भी सुनाएं।


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Sunday, January 30, 2011

चौक की क्रिकेट की महान विभूतियों का सम्मान

चौक की क्रिकेट की महान विभूतियों का सम्मान
लखनऊ। लखनऊ के चौक स्टेडियम में रामनाथ कपूर स्मारक क्रिकेट कप के लिए नीरू कपूर एकादश और एलएन मिश्रा एकादश के बीच 20 ओवर का 26 जनवरी को प्रदर्शनी मैच हुआ जिसमें एलएन मिश्रा एकादश ने यह कप जीत लिया। रामनाथ कपूर उत्तर प्रदेश के जाने-माने क्रिकेट खिलाड़ी नीरू कपूर के पिताश्री हैं जिनकी याद में वे हर वर्ष यह मैच कराया करते हैं। यह मैच चौक की महान विभूतियों को समर्पित किया गया था। इसमें वरिष्ठ क्रिकेटरों, सांसद लालजी टंडन सहित चौक के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। दर्शकों ने मैच का खूब आनंद लिया।
चौक की क्रिकेट की महान विभूतियों का सम्मानरामनाथ कपूर स्मारक प्रदर्शनी मैच में बुजुर्ग कामेश्वर नाथ टंडन और श्याम हजारे को खासतौर से सम्मानित किया गया। क्रिकेट के आयोजनों में इनका निस्वार्थ और बड़ा भारी योगदान माना जाता है। सांसद लालजी टंडन ने उन्हें फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया। लालजी टंडन ने उन खिलाड़ियों के चित्र पर भी अपने श्रद्वासुमन अर्पित किए जो लखनऊ में क्रिकेट के पर्यायवाची रहे हैं। एक बैनर पर इन सभी खिलाड़ियों के चित्रों को एक साथ लगाया गया था। नीरू कपूर ने लालजी टंडन को बैनर का अवलोकन कराते हुए दिवंगत इन14 खिलाड़ियों के क्रिकेट में योगदान की याद दिलाई। टंडन ने इनमें गहरी दिलचस्पी ली और नीरू कपूर की इस बात के लिए प्रशंसा की कि उन्होंने चौक की क्रिकेट की इन महान विभूतियों को समारोहपूर्वक याद किया। नीरू कपूर ने इस क्रिकेट मैच को केवल 20 ओवरों के खेलने भर तक सीमित नहीं रखा अपितु इस बात का पूरा ध्यान रखा कि चौक के क्रिकेट खिलाड़ियों और क्रिकेट में उनके योगदान और उनकी प्रतिभाओं की भी चर्चा हो। यह मैच रखकर उन्होंने चौक की उन यादों और इतिहास को खोला जिनका जानना और समझना आज की खेल पीढ़ी के लिए जरूरी है।
प्रदर्शनी मैच में जो भी क्रिकेट खेल रहे थे और जो देखने आए थे, सभी ने खूब लुफ्त उठाया। मैच में खेलने वाले हर उम्र के खिलाड़ी चौक के थे जिनका क्रिकेट से बड़ा गहरा रिश्ता रहा है। कमेंटेटर सभी खिलाड़ियों के बीते दिनों की यादगार बातें भी सुना रहे थे जिनसे मैच में और ज्यादा आनंद आ रहा था। एक-दो क्रिकेटर तो ऐसे थे कि जिन्होंने अच्छे शॉट लगाए लेकिन अपनी शारीरिक अवस्था के कारण रन लेने के लिए दौड़ नहीं पाए और रन आउट हो गए। स्वयं नीरू कपूर रन लेने की हड़बड़ाहट में उलझकर पिच पर लुढ़क गए तो चौक स्टेडियम ठहाकों से गूंज उठा। नीरू कपूर ने अच्छे शॉट खेले। दर्शकों के लिए यह क्षण भी बहुत मनोरंजनकारी थे। कमेंटेटर कह रहे थे कि इस मैच की विशेषता ही यह है कि इसमें तब और अब में अंतर जरूर है लेकिन क्रिकेट के प्रति हौसला वही पुराना है। नीरू कपूर के आग्रह पर कई रणजी खिलाड़ी और चौक के गणमान्य नागरिक, महिलाएं एवं बच्चे भारी संख्या में मौजूद थे। Read More: http://www.swatantraawaz.com/ramnath-cricket.htm

Saturday, January 29, 2011

hindi news-दुनिया के देश भारत में चुनाव प्रबंधन के कायल-swatantraawaz

दुनिया के देश भारत में चुनाव प्रबंधन के कायल

दुनिया के देश भारत में चुनाव प्रबंधन के कायलनई दिल्ली। भारतीय निर्वाचन आयोग, पाकिस्‍तानी निर्वाचन आयोग के अनुरोध पर अपनी इलेक्‍ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को पाकिस्‍तान में प्रदर्शित करने के लिए अपना एक तकनीकी दल वहां भेजने पर सहमत हो गया है। ईवीएम निर्माता कंपनियों बीईएल और ईसीआईएल की टीमों को अगले महीने पाकिस्तान भेजा जाएगा। यह सहमति भारत के मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त डॉ एसवाई कुरैशी के नेतृत्‍व वाले तीन सदस्‍यीय आयोग और पाकिस्‍तान के मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त न्‍यायमूर्ति हामिद अली मिर्जा के नेतृत्‍व में भारत दौरे पर आए प्रतिनिधिमंडल के बीच नई दिल्‍ली में हुई द्विपक्षीय बातचीत में बनी।

पाकिस्‍तान का निर्वाचन आयोग अपने यहां के चुनावों में इलेक्‍ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के इस्‍तेमाल को लेकर गंभीरता से विचार कर रहा है। इसके लिए वह विभिन्‍न विकल्‍पों को तलाश रहा है। पाकिस्तान के निर्वाचन आयुक्त न्‍यायमूर्ति मिर्जा ने भारतीय निर्वाचन आयोग के चुनाव प्रबंधन की प्रशंसा करते हुए दोनों आयोगों के बीच निकट सहयोग की इच्‍छा प्रकट की। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त डॉ कुरैशी ने पाकिस्‍तानी प्रतिनिधिमंडल को सभी विशेषज्ञताएं साझा करने और अन्‍य जरूरी समर्थन देने का आश्‍वासन दिया। Read More: दुनिया के देश भारत में चुनाव प्रबंधन के कायल-swatantraawaz

Friday, January 28, 2011

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फेसबुक एवं समूह के खिलाफ एफआईआर

लखनऊ। लखनऊ के थाना गोमती नगर में सोशल नेटवर्किंग साईट फेसबुक पर 'आई हेट गांधी' नाम से चल रहे एक समूह, फेसबुक कंपनी एवं अन्य के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उत्तर प्रदेश कॉडर के आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने पंजीकृत कराई इस एफआईआर में कहा है कि फेसबुक सोशल नेटवर्किंग साईट पर गांधीजी के खिलाफ कई गंदे और भद्दे शब्दों और गालियों का खुलेआम प्रयोग किया गया है। इन गालियों के जरिये महात्मा गांधी की प्रतिष्ठा तो धूमिल की ही गयी है, साथ ही समाज में विद्वेष बढ़ाने, लोगों को गलत ढंग से उकसाने, लोगों को विचार-समूहों और अन्य आधारों पर बांटने का प्रयास भी किया गया है। ज्ञातव्य है कि फेसबुक पर इसके सदस्य अलग-अलग समूह बनाते हैं जिनमे 'आई हेट गांधी' भी एक समूह चल रहा है।

तहरीर में इस समूह में मुख्य भूमिका राहुल देवगन निवासी ग्राम-खौली, जिला पटियाला, पंजाब की बताई गयी है जबकि अन्य लोगों में गौरव बैनर्जी, रोहन शिंदे, शिक्षित कुमार, गदाधर घोषाल, जसजीत सिंह, देवेन टंडन, अमित आर्य, विग्नेश एन वी और अन्य नामित किये गए हैं। इन व्यक्तियों के अतिरिक्त फेसबुक इंक, मुख्यालय पालो अल्टो, कैलिफोर्निया, यूएसए को इस प्रकार के आपराधिक कृत्य के प्रति जानबूझ कर आंखें मूंदे रखने और इसके बारे में जानकारी हो जाने के बाद भी आवश्यक कदम नहीं उठाने के लिए आपराधिक तौर पर जिम्मेदार बताते हुए मुल्जिम बताया गया है।


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Thursday, January 27, 2011

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सैनिक अस्पतालों का जल्दी ही आधुनीकीकरण

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सैनिक अस्पतालों का जल्दी ही आधुनीकीकरणनई दिल्ली। रक्षा मंत्री एके एंटनी ने आश्वासन दिया है कि सैनिक अस्पतालों के आधुनीकीकरण के लिए धन का अभाव नहीं होगा। सर्वोत्तम कमान अस्पताल के लिए रक्षा मंत्री की ट्रॉफियां प्रदान करने के बाद संबोधित करते हुए एंटनी ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) ने चालू वित्त वर्ष के लिए 90 करोड़ रुपए समूचे वार्षिक बजट में खर्च किया है। सभी अस्पतालों को विभिन्न चरणों में देश के सर्वोत्तम अस्पतालों के समकक्ष आधुनिक बनाया जाएगा।


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hindi news-तूतीकोरिन पोर्ट अब वीओ चिदंबरनार पोर्ट ट्रस्‍ट-swatantraawaz

तूतीकोरिन पोर्ट अब वीओ चिदंबरनार पोर्ट ट्रस्‍ट

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तूतीकोरिन पोर्ट अब वीओ चिदंबरनार पोर्ट ट्रस्‍टनई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तूतीकोरिन पोर्ट ट्रस्‍ट का नाम बदलकर वीओ चिदंबरनार पोर्ट ट्रस्‍ट करने का प्रस्‍ताव मंजूर कर लिया है। भारत में बंदरगाहों के नाम सामान्‍यत: उस शहर के नाम पर होते हैं, जहां ये बंदरगाह स्थित होते हैं। हालांकि, अतीत में विशेष परिस्थिति के रूप में महान नेताओं के नाम पर कुछ बंदरगाहों के नाम रखे गए हैं। तमिलनाडु के विभिन्‍न हिस्‍सों से तूतीकोरिन पोर्ट ट्रस्‍ट का नाम वीओ चिदंबरनार पोर्ट ट्रस्‍ट करने की मांग लगातार उठती रही है। वीओ चिदंबरनार पिल्‍लई (5 सितंबर, 1872-18 नवंबर 1936) तूतीकोरिन के निकट ओट्टापिडारम से थे। स्‍वदेशी आंदोलन के हिस्‍से के रूप में उन्‍होंने ‘द स्‍वदेशी स्‍टीम नैविगेशन कंपनी’ शुरू की। उन्‍होंने दो जहाज खरीदे और 1906 में तूतीकोरिन और कोलंबो के बीच पहली स्‍वदेशी भारतीय नौवहन सेवा की शुरुआत की। वह तमिल के प्रकांड विद्वान, सफल लेखक, जोशीले वक्‍ता, श्रमिक संघ के असरदार नेता और निडर स्‍वतंत्रता सेनानी थे। इनके नाम पर तूतीकोरिन पोर्ट ट्रस्‍ट बंदरगाह का नाम रखकर कृतज्ञ राष्‍ट्र इस महान स्‍वतंत्रता सेनानी को स्‍वतंत्रता संघर्ष में उनके योगदान को याद करेगा।


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